Sunday, November 23, 2014

             CHEMISTRY का चक्कर
             
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ना ये  CHEMISTRY होती , ना मैं इसका STUDENT होता!
ना ये LABORATORY होती, ना ही मेरे HEART का  ACCIDENT होता !
अभी PRACTICAL में नज़र आई 1 सुन्दर सी लड़की!
सुन्दर थी नाक उसकी TEST TUBE जैसी!
बातों में उस के GLUCOSE की मिठास थी!
साँसों में ETHER की खुश्बू भी साथ थी!
आँखों में झलकता था Ku6 इस तरह का प्यार!
बिन पिए हो जाता था ALCOHAL का खुमार!
BENZENE सा होता थी उसकी PRESENCE का एहसास!
अंधेरे में होता था RADIUM का एहसास!
नज़रें मिले REACTION हुआ!
Ku6
इस तरह love का PRODUCTION हुआ!
लगने लगे उस के घर के चक्कर ऐसे!
NUCLEUS
के GRID ELECTRON हो जैसे!
उस दिन हमारे TEST का CONFIRMATION हुआ!
जिस दिन उस के पापा से हमारा INTRODUCTION हुआ!
सुन कर हमारी बात वो ऐसे उछल पड़े!
IGNITION TUBE
में जैसे SODIUM भड़क उठे!
वे बोले होश में आओ पहचानों अपनी औकात!
IRON
मिल नहीं सकता GOLD के साथ!
ये सुनकर टुटा हमारे अरमानों भरा BEAKER!
और हम चुप रहे BENZALDEHYDE का कड़वा घूंट पी कर!
अब उसकी यादों के सिवा हमारा काम चलता था!
और LAB में हमारे के सिवा Ku6 जलता था!
जीवन हो गयी UNSATURATED HYDRO CARBON की तरह!
और हम FORTE है आवारा HYDROGEN की तरह!
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AMIT SINGH B.TECH

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